आजादी के इतने सालों बाद सरदार पटेल को मिला सम्मान।

आज 31 अक्टूबर 2018 को जहां एक तरफ सरदार पटेल को सम्मान दिया गया ।  जो कि देश के पहले रक्षा मंत्री रहे, और जिन्होंने देश के लिए कई कुर्बानियां दी  ।यहां तक की एक व्यक्ति की जिद के लिए प्रधान मंत्री तक का पद भी त्याग दिया । देश को एकता और अखंडता में पिरोए रखा।

 


वहीं श्रीमती इंदिरा प्रियदर्शनी  31 अक्टूबर 1984 को देहावसान हो गया था।  कोई दुविधा नहीं दोनों ही अपने आप में एक शख्सियत थी।  जहां श्रीमती इंदिरा प्रियदर्शनी ने देश पर राज किया। वहीं  दूसरी तरफ सरदार पटेल ने ने देश को एकता और अखंडता के साथ जुड़े रखा । आज दोनों को ही श्रद्धांजलि दी गई।  जब यह श्रद्धांजलि अभी जा रही थी उस समय के कुछ फोटोग्राफ आपके साथ साझा कर रहा हूं जब मैंने यह देखें  तो मुझसे रहा नहीं गया। और मेरे मुंह से स्वता ही यह  दोहा निकल गया । यह दोहा तो आपने भी सुना ही होगा। “जाकी रही भावना जैसी प्रभु मूरत देखी तिन तैसी।”

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